शिवसेना कार्यकर्ता नितिन नंदगांवकर के फ़ेसबुक पेज पर साझा वीडियो में दुकानदार से दुकान का नाम अपने पिता या दादा के नाम पर करने को कहते हुए दिख रहे हैं। उनका कहना था कि कराची पाकिस्तान में है जो आतंकवादियों का देश है।
नंदगांवकर ने कहा कि मुंबई में कराची नाम का इस्तेमाल न करो, हमें कराची नाम से परेशानी है, हमारा जवान भाईदूज पर शहीद हो गया, पाकिस्तान आतंकवादियों का एक देश है।
नंदगांवकर ने कहा कि वह दुकान मालिक को दुकान का नाम बदलने के लिए समय देंगे। वीडियो के साथ एक पोस्ट में लिखा है कि ‘कराची’ नाम वाले बोर्ड को 15 दिन के भीतर बदल दिया जाए।
इसके बाद कराची स्वीट्स के मालिक ने दुकान के नाम को पेपर से ढक दिया।
दूसरी ओर शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कराची स्वीट्स का समर्थन किया है।
संजय राउत ने ट्वीट कर कहा कि कराची बेकरी और कराची स्वीट्स मुंबई में 60 सालों से है, उनका पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है, उनसे नाम बदलने की मांग करना बेमतलब है, दुकान का नाम बदलने की मांग रखना शिवसेना का आधिकारिक रुख़ नहीं है।
दुकान के मालिक का कहना है कि उनके पूर्वज कराची से थे, इसका वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने शिवसेना नेता की आलोचना शुरु कर दी।
कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने शिवसेना कार्यकर्ता को ‘बेवकूफ़’ बताते हुए कहा कि भारत के चाइनीज़ होटलों का चीन से कोई लेना-देना नहीं है, वैसे ही बांद्रा के कराची स्वीट्स का पाकिस्तान से कोई नाता नहीं है।
उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मामले में हस्तक्षेप करने की भी मांग की है।
आम आदमी पार्टी ने एक बयान में शिवसेना पर उसके एक कार्यकर्ता द्वारा दुकान मालिक को धमकाने को लेकर निशाना साधा और मुंबई पुलिस से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की।